hindi shayari, love shayari, romantic love shayari byafsar khan
जहन में बात जरा सी मेरी आयी ,
आ हिस्ता आ हिस्ता रोने लगे उनको जब याद मेरी आयी .
और अश्कों से भीगा हुआ रुमाल निचोड़ कर बोले ,
लड़ ख़डाई हुई सी मै सँवर गयी सूरत जब सामने तुम्हारी आयी..
चाक है जिगर फिर भी आयें है रफू करके ,
जायेगे हकीकत से तुमको रूबरू करके .
प्यार की बड़ी इससे और मिशाल क्या होगी ,
दोस्तों हमको नींद आती है तुमसे गुफ्त्गू करके.....
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